Vidyapati Song ...
सरसिज बिनु सर सर बिनु सरसिज ...
सरसिज बिनु सर सर बिनु सरसिज, की सरसिज बिनु सुरे ।
जौबन बिनु तन तन बिनु जौबन, की जौबन पिअ दुरे ।।
सखि हे मोर बाद दैब विरोधी ।
मदन बेदन बड़ पिआ मोर बोलछड़ । अबहु देह परबोधी ।।
चौदिस भमर भम कुसुम-कुसुम राम, नीरस माँजरि पीबे ।
मंद पवन बह पिक कुहु-कुहु कह, सुनि बिरहिनि कइसे जीबे ।।
[Missing Paragraph]
[सिनेह अछल जत हमे भेल न टूटत, बड़ बोल जाट सब थीर ।
अइसन के बोल दहु निज सिम तेजि कहु, उछल पयोनिधि नीर ।।]
भनइ विद्यापति अरे रे कमलमुखि, गुनगाहक पिया तोर ।
राजा सिवसिंह रूपनरायन, सहजे एको नहि भोरा ।।
Singer : Ganesh Kant Thakur
Album : Inde Du Nord : Mithila, Chants D'Amour De Vidyapati
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